
बिहार चुनाव के नतीजे जनादेश नहीं ज्ञानादेश, नतीजों को बिहार का कोई मतदाता पचा नहीं पायेगा

बिहार विधानसभा चुनाव में झामुमो महागठबंधन के साथ होती तो निश्चित रूप से महागठबंधन मजबूत होता

रांची : झामुमो महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा है कि पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने भाजपा में जाकर राजनीतिक आत्महत्या कर ली। वो शुक्रवार को हरमू स्थित पार्टी के कैंप कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि विनाश काले विपरीत बुद्धि, किसी का दुर्घटना में घायल हो जाना अलग बात है, उसका इलाज हो सकता है, लेकिन कोई आत्महत्या ही कर ले तो क्या उपाय है, उसी तरह चंपाई सोरेन ने भाजपा में जाकर अपनी राजनीतिक आत्महत्या कर ली।
घाटशिला उपचुनाव के नतीजों पर उन्होंने कहा कि वहां की जनता ने भारी मतों से झामुमो प्रत्याशी सोमेश सोरेन को विजयी बनाकर सीएम हेमंत सोरेन के नेतृत्व पर मुहर लगायी है और दिशोम गुरु शिबू सोरेन तथा रामदास सोरेन को श्रद्धांजलि दी है।
श्री भट्टाचार्य ने कहा कि भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने जिस प्रकार कर नकारात्मक राजनीति वहां की, प्रपंच किया, उसका करारा जवाब घाटशिला की जनता ने दिया है। अब भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व को विचार करना होगा कि ऐसी नकारात्मक राजनीति करनेवाले को संगठन से विदाई दें। उन्होंने कहा कि बिहार चुनाव के नतीजे जनादेश नहीं ज्ञानादेश हैं। यह लोकतंत्र की हत्या है।
वहां का कोई भी मतदाता इस नतीजे को पचा ले यह असंभव है। हमने कभी नहीं देखा कि कोई पार्टी 100 सीटों पर लड़े और 95 सीटें हासिल कर ले। उन्होंने कहा कि यदि झामुमो महागठबंधन के साथ बिहार चुनावी में लड़ी होती तो निश्चित रूप से महागठबंधन मजबूत होता।
सुप्रियो ने कहा कि कांग्रेस, राजद और वाम दलों को आदिवासी, दलित और शोषित के संघर्ष की पूरी जानकारी नहीं है। इसलिए ऐसे नतीजे आए हैं, यदि उन्हें समझ होती तो हम उस चुनाव का हिस्सा होते। उन्होंने कहा कि उपचुनाव के नतीजे के बाद हम समीक्षा करेंगे। यदि उपचुनाव से पहले रांची आकर तेजस्वी यादव हेमंत सोरेन से बात कर लेते तो नतीजे कुछ और होते। हारे का हेमंत सोरेन है सहारा यह मंत्र कांग्रेस और राजदवालों को जपना चाहिए।


