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बिहार में पहले चरण की 121 सीटों में 24 पर बागी बिगाड़ेंगे दोनों गठबंधनों का खेल

by Dayanand Roy

 

एनडीए की 16 और महागठबंधन  की 9 सीटों पर  चुनाव लड़ रहे हैं बागी

 

महेश कुमार सिन्हा

 

पटना : बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण की तस्वीर साफ हो गई है। पहले चरण में राज्य के 18 जिलों की 121 सीटों पर 6 नवंबर को मतदान होना है।

इन सीटों पर दोनों ही गठबंधनों एनडीए और महागठबंधन को अपनी सीटें बचाने और नई सीटें हासिल करने के लिए कड़ी मेहनत करनी होगी। इनमें 24 सीटों पर  बागियों की मौजूदगी दोनों गठबंधनों का खेल  बिगाड़ सकते हैं।दोनों  तरफ जिन्हे टिकट  नहीं मिला,वे बागी हो गए। एनडीए की 16 और  महागठबंधन की 9 सीटों पर  बागी मैदान  में हैं।

भोजपुर की बड़हरा सीट से दोनो गठबंधनों के बागी उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। बागियों की मौजूदगी या भीतरघात कई सीटों पर सीधे मुकाबले को प्रभावित कर सकता है।दरअसल वर्षों से चुनाव  लड़ने की उम्मीद पाले कई नेता क्षेत्र  में अपना अस्तित्व कायम रखने के लिए निर्दलीय मैदान में उतर आए हैं या फिर परिवार  के किसी सदस्य  को उतार दिए हैं। हालांकि दोनों गठबंधन में शामिल पार्टियां अपने बागियों को मनाने में अभी भी लगी हुई हैं। कौन कितना सफल होता है,यह देखने की बात  होगी।

गौरतलब है कि 2020 के विधानसभा चुनाव में दोनों गठबंधनो  के बीच कांटे की टक्कर हुई थी। उस चुनाव में इन  121 सीटों में 59 पर एनडीए और 61पर महागठबंधन की जीत हुई थी।

पहले चरण की जिन सीटों बागी एनडीए को नुकसान पहुंचा सकते हैं,उनमें छपरा में भाजपा की राखी गुप्ता निर्दलीय उम्मीदवार हैं। इनके कारण भाजपा की छोटी कुमारी की चुनौती बढ़ गई है। गोपालगंज में भाजपा के सुभाष सिंह के खिलाफ उन्ही की पार्टी के अनुपलाल श्रीवास्तव  निर्दलीय मैदान में उतर आए हैं। मांझी सीट पर भाजपा के बागी राणा प्रताप डब्ल्यू निर्दलीय मैदान में हैं।

वह जदयू उम्मीदवार रणधीर सिंह की मुश्किल बढ़ा रहे हैं। गरखा सुरक्षित सीट से जदयू नेता और  पूर्व मंत्री मुनेश्वर चौधरी निर्दलीय खड़े हो गए हैं। इससे लोजपा-रा प्रत्याशी सीमांत मृणाल  परेशान हैं। बछवाड़ा में भाजपा उम्मीदवार सुरेंद्र मेहता के खिलाफ भाजपा के ही बागी शत्रुघ्न कुमार खड़े हैं। वे पार्टी की मुश्किलें बढ़ा रहे हैं।

बिहार शरीफ  में भाजपा प्रत्याशी डाॅ सुनील कुमार के खिलाफ जदयू नेता मनोज कुमार तांती निर्दलीय खड़े हैं। बरबीघा से जदयू विधायक सुदर्शन कुमार को पार्टी ने इस बार टिकट नहीं दिया तो वह निर्दलीय खड़े हो गए।

इससे जदयू उम्मीदवार डाॅ पुष्पंजय कुमार परेशानी में हैं। जमालपुर में पूर्व मंत्री शैलेश कुमार जदयू छोड़कर  निर्दलीय खड़े हो गए  हैं। इससे जदयू उम्मीदवार नचिकेता मंडल की परेशानी बढ़ गई है।

बड़हरिया से जदयू के पूर्व विधायक श्याम बहादुर सिंह निर्दलीय मैदान में हैं। जदयू ने वहां इन्द्रदेव पटेल को उम्मीदवार बनाया है। पारू से चार बार के भाजपा विधायक अशोक कुमार सिंह बागी हो गए हैं। वह एनडीए उम्मीदवार रालोमो के मदन चौधरी के खिलाफ मैदान  में हैं। साहेबपुर कमाल में लोजपा-रा के सुरेंद्र विवेक  के खिलाफ  जदयू नेता  शशि कुमार  निर्दलीय लड़ रहे हैं।

गायघाट से भाजपा नेता रहे अशोक कुमार सिंह जनसुराज पार्टी के टिकट पर जदयू की कोमल सिंह के खिलाफ मैदान  में हैं। इसी तरह सकरा से भाजपा नेता रहे सचिन राम निर्दलीय मैदान में हैं। इससे जदयू के आदित्य कुमार की मुश्किलें  बढ़ सकती है। कुढ़नी में भाजपा प्रत्याशी केदार प्रसाद गुप्ता के खिलाफ  पार्टी के पूर्व नेता धर्मेंद्र कुमार अबोध निर्दलीय मैदान में उतरे हैं। सूर्यगढ़ा में जदयू के रामानंद मंडल के खिलाफ  लोजपा-रा के रविशंकर निर्दलीय लड़ रहे हैं।

उधर  महागठबंधन मे सहयोगियों से अधिक राजद के नेता बागी हुए हैं। महनार से रवींद्र सिंह  को राजद का टिकट मिलने से पार्टी के नेता संजय  राय बागी बन गए हैं। जगदीशपुर से राजद विधायक राम विशुन लोहिया के बेटे किशोर कुणाल को टिकट मिला है। इनके खिलाफ पार्टी के नेता राजीव रंजन बगावत कर  निर्दलीय मैदान  में उतर गए हैं।

मधेपुरा में राजद के प्रो.चन्द्रशेखर के खिलाफ पार्टी के बागी नेता प्रणव प्रकाश  निर्दलीय उम्मीदवार हैं। बरौली मे राजद प्रत्याशी दिलीप सिंह के खिलाफ  पार्टी के पूर्व उम्मीदवार रेयाजुल हक बागी हो गए  हैं। चेरियाबरियारपुर राजद के सुशील कुशवाहा के खिलाफ पार्टी के बागी रामसखा महतो निर्दलीय मैदान में हैं। संदेश से राजद विधायक किरण देवी के पुत्र  दीपू सिंह पार्टी के उम्मीदवार हैं।

उनके खिलाफ प्रखंड प्रमुख मुकेश बागी बन गए हैं। जाले से अंतिम  समय में राजद से कांग्रेस  में गये ऋषि मिश्रा को कांग्रेस ने उम्मीदवार बनाया है। उनके खिलाफ पार्टी के पूर्व प्रत्याशी  मकसूद अहमद उस्मानी बागी बन कर निर्दलीय मैदान  में हैं। औराई में महागठबंधन से वीआईपी के भोगेन्द्र  सहनी उम्मीदवार हैं। वहां भाकपा-माले के बागी आफताब आलम आजाद समाज पार्टी के टिकट पर  चुनाव लड़ रहे हैं।

बड़हरा में भाजपा विधायक राघवेन्द्र प्रताप सिंह के खिलाफ राजद से अशोक कुमार सिंह को टिकट मिला है। उनके खिलाफ राजद की पूर्व विधायक सरोज यादव निर्दलीय उम्मीदवार हैं। यहां भाजपा उम्मीदवार के खिलाफ  जदयू के बागी नेता रणविजय सिंह भी मैदान में हैं।

लेखक वरिष्ठ पत्रकार और न्यूजवाणी बिहार के संपादक हैं।

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