नीतीश कुमार का आदतन अभद्र भाषा का प्रयोग करना मानसिक दिवालियापन : कैलाश यादव

Dayanand Roy
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रांची : राजद महासचिव सह मीडिया प्रभारी कैलाश यादव ने कहा है कि चुनाव आयोग संवैधानिक तौर पर निष्पक्ष संस्था होती है लेकिन इन दिनों आगामी बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर चुनाव आयोग विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआइआर  के माध्यम से बिहार के दलित मजदूर किसान एवं कमजोर परिवार के लोगों को वोटर लिस्ट से बाहर कर रही है।

एसआइआर के डॉक्यूमेंट्री आधार पर बड़ी संख्या में रोजी-रोजगार के लिए पलायन हुए लोगों को भी वोटर लिस्ट से बाहर कर दिया जाएगा। इसका मतलब है करोड़ो गरीब-मजदूर क्लास के लोग वोट नहीं दे पाएंगे।

श्री यादव ने कहा कि दलित-मजदूर तथा किसान एवं दबे कुचले वर्ग के अधिकांश लोग राजद के समर्थक और वोटर्स हैं।  बीजेपी चुनाव आयोग का इस्तेमाल कर दलित गरीब तबके के लोगों को वोट देने से रोकना चाहती हैं।

कैलाश यादव ने कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जब से भाजपा के साथ सत्ता में गए हैं उनकी भाषा अभद्र हो गयी है। बिहार विधानसभा में सदन में चर्चा के दौरान उन्होंने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी राजद सुप्रीमो लालू यादव और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी पर अमर्यादित टिपण्णी की।

नीतीश कुमार का राजनीतिक जीवन राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की गोद में रहा है। लालूजी ने नीतीश कुमार को हमेशा सम्मानपूर्वक छोटे भाई का संज्ञा दी। लेकिन इन दिनों नीतीश कुमार मानसिक संतुलन खो बैठे हैं और बराबर तेजस्वी को नीचा दिखाने का काम करते हैं जो अशोभनीय और अमर्यादित है। नीतीश कुमार की पहचान जेपी और कर्पूरी ठाकुर की विचारधारा को माननेवाले सेक्युलर नेता की मानी जाती थी। लेकिन अब उनका आचरण जेपी और कर्पूरी का शिष्य के तौर पर नहीं रहा। निश्चित रूप से नीतीश कुमार को इस व्यवहार का खामियाजा आगामी विधानसभा चुनाव में चुकाना पड़ेगा।

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