जेपी के आह्वान से भयभीत इंदिरा गांधी ने लगाया था आपातकाल : कर्मवीर सिंह

Dayanand Roy
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21 महीनों तक नहीं हुई थी कोई राजनीतिक जनसभा

रांची : भाजपा प्रदेश संगठन महामंत्री ने बुधवार को संविधान हत्या दिवस पर लोकनायक जयप्रकाश नारायण को याद किया। उन्होंने प्रदेश कार्यालय में उनके चित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित किया।

मौके पर श्री सिंह ने कहा कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय के फैसले से इंदिरा गांधी की संसद की सदस्यता समाप्त हो चुकी थी। उन्हें अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए था। लेकिन इंदिरा गांधी ने न सिर्फ न्यायालय के आदेश की अवमानना की बल्कि देश के संविधान को ही कुचल डाला।

उन्होंने कहा कि 25 जून को दिल्ली के रामलीला मैदान में देश भर से जुटे लाखों लोकतंत्र सेनानियों को संबोधित करते हुए जेपी ने आह्वान किया था कि सिंहासन खाली करो कि जनता आती है।

लेकिन आधी रात को देश में एक काले अध्याय की शुरुआत हुई। आज विधान बचाने की दुहाई देने वाली कांग्रेस ने लोकतंत्र की सारी मर्यादाओं को तार तार किया है।

देश को याद है कि 25 जून 75 को  दिल्ली में ही ऐतिहासिक सभा के बाद 21 महीनों तक देश की जुबान को आपातकाल के माध्यम से कुचल दिया गया था। कोई राजनीतिक सभा इस दौरान नहीं हो सकती थी।

भारत की जनता प्राचीन काल से लोकतंत्र प्रेमी है।यह देश लोकतंत्र की जननी है इसे कोई कुचलने में  कभी सफल नहीं हो सकता। भारत की जनता कुचलने वाले को सबक सिखाना जानती है।

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