क्या कोई व्यक्ति सिर्फ बाल कटवाने, मेकअप कराने और फोटोशूट करवाने के लिए दूसरे देश जा सकता है? चीन में इन दिनों यही अनोखा ट्रेंड तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। बड़ी संख्या में युवा सुबह की फ्लाइट से दक्षिण कोरिया की राजधानी सियोल पहुंचते हैं और शाम तक पूरा मेकओवर कर वापस अपने देश लौट आते हैं। इस ट्रिप का मकसद घूमना-फिरना नहीं, बल्कि खुद को बिल्कुल नए और आकर्षक अंदाज में देखना होता है।
टूरिस्ट स्पॉट नहीं, सीधे ब्यूटी स्टूडियो
सियोल पहुंचने के बाद ये युवा किसी प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पर नहीं जाते, बल्कि सीधे हाई-टेक ब्यूटी स्टूडियो का रुख करते हैं। यहां सबसे पहले ‘पर्सनल कलर एनालिसिस’ किया जाता है। विशेषज्ञ त्वचा के रंग, चेहरे की बनावट और फीचर्स के आधार पर व्यक्ति को चार सीजन कैटेगरी में रखते हैं। इससे यह तय किया जाता है कि कौन-से रंग, कपड़े और मेकअप उस व्यक्ति पर सबसे अधिक जचेंगे।
के-पॉप स्टार जैसा लुक पाने की चाह
कलर एनालिसिस के बाद युवा हेयर सैलून और मेकअप स्टूडियो में जाकर अपना लुक पूरी तरह बदलवाते हैं। कई लोग बिना मेकअप के ही सियोल पहुंचते हैं ताकि उन्हें के-पॉप सेलिब्रिटीज जैसा परफेक्ट मेकओवर मिल सके। इसके बाद प्रोफेशनल फोटोशूट कराया जाता है, जिससे उनका नया रूप और भी आकर्षक नजर आए।
कम खर्च में बेहतर क्वालिटी
इस ट्रेंड के पीछे सिर्फ फैशन नहीं, बल्कि बचत भी एक बड़ा कारण है। चीन के बड़े शहरों में जहां प्रीमियम हेयरकट के लिए 200 युआन (करीब 2,800 रुपये) या उससे ज्यादा खर्च करने पड़ते हैं, वहीं सियोल में बेहतर गुणवत्ता वाली सेवाएं लगभग आधी कीमत में मिल जाती हैं। यही वजह है कि ‘ब्यूटी डे ट्रिप’ युवाओं के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है।
