नितिन नवीन बने भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष

Dayanand Roy
5 Min Read

महेश कुमार सिन्हा

 

पटना : भारतीय जनता पार्टी(भाजपा)ने रविवार को एक बड़ा फैसला करते हुए बिहार के पथ निर्माण एवं नगर विकास मंत्री नितिन नवीन को पार्टी का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया है। नितिन नवीन बिहार भाजपा के कद्दावर नेता और पांच बार के विधायक हैं। उन्होने पटना के बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र से 2006 से लगातार पांचवीं बार जीत दर्ज की है।

वह छत्तीसगढ़ भाजपा के प्रभारी भी हैं।  भाजपा के एक युवा और तेज-तर्रार नेता को पार्टी ने अब राष्ट्रीय स्तर पर नई जिम्मेदारी सौंपी है। जेपी नड्डा के बाद वह संगठन का काम काज देखेंगे। बांकीपुर से सियासत में कदम रखने वाले नितिन नवीन ने भाजपा के लिए काफी उपयोगी साबित हुए और उन्होंने अपने काम से लंबी छलांग लगाई है।

बिहार की राजनीति में वह अपने सरल स्वभाव के लिए जाने जाते हैं। नितिन नवीन एक ऐसा नाम है, एक ऐसा चेहरा जिसने पूरे आत्मविश्वास के साथ न सिर्फ अपनी सीट को संभाले रखा, बल्कि पांच बार लगातार जीतकर भाजपा के शहरी और प्रबुद्ध वोट बैंक को एक स्थायी संबल दिया।

2025 का बांकीपुर चुनाव कई मायनों में दिलचस्प था। राजनीतिक हवाएं बदल रही थीं, समीकरण टूट रहे थे, नए चेहरे उभर रहे थे, लेकिन इस सबके बीच अगर कोई चीज अडिग रही तो वह थी नितिन नवीन के प्रति जनता का विश्वास। इस बार उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी को 47,524 वोटों के भारी अंतर से हराया। उन्हें मिले 1,00,485 वोट सिर्फ एक आंकड़ा नहीं, बल्कि यह उस भरोसे की अभिव्यक्ति है जो बांकीपुर के लोगों ने वर्षों में उनके काम और सुलभता पर बनाया है।

जानकारों का कहना है कि “बांकीपुर में भाजपा का किला सिर्फ संगठन ने नहीं, नितिन नवीन ने अपने व्यक्तिगत संपर्क, सरल व्यवहार और काम के बल पर मजबूत किया है। नितिन नवीन की राजनीतिक यात्रा अचानक नहीं बनी। वह अपने पिता,दिवंगत भाजपा नेता नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा की विरासत लेकर आए। वह विरासत थी जनसेवा की, शुचिता की और राजनीतिक सादगी की।

2006 के उपचुनाव में पहली जीत के बाद उन्होंने एक-एक कदम बहुत संतुलन से रखा। 2008 के परिसीमन के बाद नए बने बांकीपुर में भी पार्टी ने उन पर भरोसा किया और उन्होंने हर बार उस भरोसे को दोगुना होकर लौटाया। साल 2010, 2015, 2020 और अब 2025, लगातार पांच जीतें किसी भी नेता के लिए सिर्फ उपलब्धि नहीं, बल्कि जनता के मन में उनके प्रति गहराई से जमे विश्वास का प्रमाण है।

बिहार में कायस्थ समुदाय की संख्या भले कम हो, पर उनकी बौद्धिक उपस्थिति, प्रशासनिक पकड़ और शहरी नेतृत्व में भूमिका हमेशा से महत्वपूर्ण रही है। नितिन नवीन ने इस भूमिका को न सिर्फ निभाया है, बल्कि और मजबूत किया है।

सियासत के जानकारों के मुताबिक जहां कई जगह कायस्थ वोटों में असंतोष देखा गया, वहीं बांकीपुर में नितिन नवीन ने उन्हें एकजुट रखा। यह भाजपा की नजर में उनकी अहमियत को और बढ़ाता है। उनका शांत स्वभाव, संतुलित बयानबाज़ी और बिना विवादों के काम करने की छवि उन्हें कायस्थ समाज का स्वाभाविक और स्वीकार्य नेता बनाती है। बांकीपुर एक शहरी क्षेत्र है यहां लोग जाति से पहले काम देखते हैं।

यहां की अपेक्षाएं अलग हैं सड़कें, साफ़-सफ़ाई, बिजली, जल-निकासी, ट्रैफिक समाधान, नागरिक सुविधाएं। नितिन नवीन का जन्म 23 मई 1980 को पटना में हुआ था। उनके पिता नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा भी विधायक रह चुके हैं और जेपी आंदोलन से जुड़े थे। वे भाजपा के संस्थापक सदस्यों में से एक थे। अपने पिता के निधन के बाद नितिन नवीन ने राजनीति में कदम रखा।

उन्होंने भारतीय जनता युवा मोर्चा के अध्यक्ष और राष्ट्रीय महामंत्री जैसे पदों पर भी काम किया है। नितिन नवीन ने पूर्वोत्तर के कई राज्यों में भाजपा के प्रभारी और पर्यवेक्षक के रूप में काम किया है, जिसमें सिक्किम में उनका काम विशेष रूप से सराहा गया। 45 साल के नितिन नवीन पथ निर्माण एवं नगर विकास मंत्री हैं। उन पर अभी तक किसी तरह का आरोप नहीं लगा है। बेदाग छवि के होने के कारण भाजपा ने उन्हें बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है।

Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *