हर साल 13 अगस्त को लेफ्ट हैंडर्स डे मनाया जाता है। इस दिन का उद्देश्य बाएं हाथ से काम करने वाले लोगों की खासियत को पहचानना और उनके सामने आने वाली रोजमर्रा की चुनौतियों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। दाएं हाथ से इस्तेमाल के हिसाब से बनी कई चीजें लेफ्टी लोगों के लिए असुविधाजनक हो सकती हैं।
सिर्फ जागरूकता नहीं, अनुभव का भी मौका
यह दिन दाएं हाथ से काम करने वाले लोगों को भी बाएं हाथ का इस्तेमाल करके रोजमर्रा के काम करने का अनुभव लेने के लिए प्रेरित करता है। इससे उन्हें यह समझने में मदद मिल सकती है कि कैंची, डेस्क, खेल उपकरण और दूसरी सामान्य चीजों का इस्तेमाल लेफ्ट हैंडर्स के लिए कई बार कितना अलग अनुभव हो सकता है।
1992 में हुई थी आधिकारिक शुरुआत
लेफ्ट हैंडर्स डे को Left-Handers Club ने 13 अगस्त 1992 को वार्षिक आयोजन के रूप में शुरू किया था। इसका उद्देश्य बाएं हाथ से काम करने वालों की विशिष्टता का जश्न मनाने के साथ उनके सामने आने वाले फायदे और चुनौतियों के बारे में लोगों को जागरूक करना था। समय के साथ यह आयोजन दुनिया के कई हिस्सों में लोकप्रिय हुआ।
लेफ्ट हैंडर्स कल्ब की शुरुआत कब हुई?
लेफ्ट हैंडर्स कल्ब की स्थापना 1990 में हुई थी। इसका उद्देश्य बाएं हाथ से काम करने वाले लोगों को आपस में जोड़ना, उनकी समस्याओं को सामने रखना और निर्माताओं को उनकी जरूरतों के बारे में जागरूक करना था। क्लब ने बाएं हाथ से इस्तेमाल होने वाली वस्तुओं के विकास और इस विषय पर शोध को बढ़ावा देने का भी प्रयास किया।
खेलों से लेकर चाय पार्टी तक, ऐसे मनाया गया दिन
ब्रिटेन में इस दिवस के मौके पर कई क्षेत्रीय कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। इनमें बाएं और दाएं हाथ से खेलने वालों के बीच खेल मुकाबले, लेफ्ट-हैंडेड चाय पार्टी और Lefty Zones जैसी गतिविधियां शामिल रही हैं। इन आयोजनों का उद्देश्य लेफ्टी लोगों की रचनात्मकता, अनुकूलन क्षमता और प्रतिभा को सामने लाना है।
कितने लोग हैं बाएं हाथ वाले?
बाएं हाथ से काम करने की वजह पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। आम तौर पर माना जाता है कि दुनिया की आबादी का करीब 10-13 प्रतिशत हिस्सा बाएं हाथ का इस्तेमाल अधिक सहजता से करता है। इसमें आनुवंशिक और पर्यावरणीय दोनों कारकों की भूमिका हो सकती है।
