पिंक आई, जिसे कंजंक्टिवाइटिस भी कहा जाता है, आंखों के कंजंक्टिवा में होने वाली सूजन या संक्रमण है। यह समस्या बैक्टीरिया, वायरस, एलर्जी या अन्य कारणों से हो सकती है। संक्रमण होने पर आंखें लाल या गुलाबी दिखाई देने लगती हैं। यह बच्चों और बड़ों दोनों में हो सकता है। समय पर देखभाल न करने पर संक्रमण एक आंख से दूसरी आंख तक फैल सकता है।
इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
पिंक आई होने पर आंखों से लगातार पानी आना, आंखों का लाल या गुलाबी होना, जलन, खुजली, सूजन और पलकों पर पपड़ी जमना जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। यदि आंखों में तेज दर्द, धुंधला दिखाई देना, रोशनी से परेशानी या अधिक मवाद हो, तो तुरंत नेत्र विशेषज्ञ से संपर्क करना चाहिए।
घरेलू देखभाल से मिल सकती है राहत
आंखों पर साफ कपड़े में लिपटी ठंडी सिकाई करने से जलन और सूजन में आराम मिल सकता है। आंखों को साफ और स्वच्छ रखें तथा बार-बार हाथ धोएं। संक्रमित आंख को रगड़ने से बचें और तौलिया, रूमाल या तकिया किसी के साथ साझा न करें, ताकि संक्रमण न फैले।
घरेलू नुस्खों में बरतें सावधानी
धनिया के ठंडे और साफ छने हुए पानी से आंखों के आसपास की सफाई कुछ लोगों को आराम दे सकती है। हालांकि, दूध, शहद या किसी भी घरेलू मिश्रण को सीधे आंखों में डालना सुरक्षित नहीं माना जाता, क्योंकि इससे संक्रमण बढ़ने या नई समस्या होने का खतरा हो सकता है। यदि लक्षण 2–3 दिन से अधिक बने रहें या बढ़ जाएं, तो घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय डॉक्टर की सलाह लेकर उचित उपचार कराना सबसे सुरक्षित विकल्प है।
