सात गारंटी पर एक कदम भी आगे नहीं बढ़ी हेमंत सरकार : बाबूलाल मरांडी

Dayanand Roy
6 Min Read

राज्य में आदिवासी समाज सबसे ज्यादा प्रताड़ित

रांची : प्रदेश भाजपा ने शनिवार को अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत हेमंत सरकार पार्ट 2 की पहली वर्षगांठ पर आरोप पत्र जारी किया। आरोप पत्र जारी करते हुए प्रदेश अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सरकार पर बड़ा निशाना साधा।

श्री मरांडी ने हेमंत सरकार के 6 साल को झारखंड की बर्बादी का साल बताया और कहा कि इंडी गठबंधन ने विधानसभा चुनाव के समय जो सात गारंटी दी थी उसपर राज्य सरकार एक कदम भी आगे नहीं बढ़ी,बल्कि राज्य को वर्षों पीछे धकेल दिया। श्री मरांडी ने इंडी गठबंधन के सात गारंटी की एक एक कर विस्तार से चर्चा की। सभी गारंटी पर सरकार की नाकामियों को उजागर किया।

उन्होंने कहा कि यह अबुआ सरकार नहीं बल्कि ठगों की सरकार है जिसने युवाओं,महिलाओं,किसानों, आदिवासी,पिछड़े,दलित,बुजुर्ग, दिव्यांग,स्कूली बच्चे सभी को ठगा है। उन्होंने आरोप पत्र के शीर्षक को सटीक बताया। यहां पुलिस वास्तव में जनता की रक्षक नहीं बल्कि लूटने वाली बन गई है।

उन्होंने 1932 खतियान आधारित नीति लाने की पहली गारंटी को बड़ा धोखा बताया। कहा कि इस नाम पर हेमंत सरकार जनता को 6 वर्षों से ठग रही। यहां की भाषा संस्कृति का संरक्षण नहीं हो रहा बल्कि 21 सदी में भी चंगाई सभा के नाम पर  अंधविश्वास को बढ़ावा और संरक्षण देने में हेमंत सरकार जुटी है। जबकि कानूनन डायन,ओझा,गुणी  पर प्रतिबंध है। उन्होंने चंगाई सभा को पूरी तरह बंद करने की मांग की।

दूसरी गारंटी मईयां सम्मान पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि आज लाखों बहनों को धोखा दिया जा रहा है।वोट लेकर नाम काट दिए गए। ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं पोर्टल नहीं खुलने की शिकायत लेकर  दर दर भटक रहीं कोई सुनने वाला नहीं।

कहा कि उल्टे सम्मान राशि रोहिंग्या, बांग्लादेशी घुसपैठियों के खातों में भेजी जा रही है।

सामाजिक न्याय की तीसरी गारंटी भी पूरी तरह फेल साबित हुई।पंचायत चुनाव बिना ओबीसी आरक्षण के हुए।निकाय चुनाव में भी कुछ नहीं हुआ। एस सी, एस टी आरक्षण पर भी धोखा दिया।

चौथी गारंटी जो खाद्य सुरक्षा की थी उसमें तो लूट ही लूट मची है। 7 किलो अनाज तो मिला नहीं उल्टे 5 किलो अनाज भी लूट लिए गए। मुख्यमंत्री के विधानसभा क्षेत्र के पतना में बड़ा घोटाला जांच में उजागर हुआ । आपदा प्रबंधन  के अनाज से जिसे बाद में भरपाई की गई। 450 रुपए में गैस सिलेंडर देने के वादे को तो सरकार के मंत्री ने सिरे से नकार दिया।

रोजगार और स्वास्थ्य सुरक्षा से संबंधित पांचवीं गारंटी जिसमें 10लाख नौकरी,15 लाख का स्वास्थ्य बीमा पूरी तरह झूठा साबित हुआ। बड़े समारोह में 8791 लोगों को नियुक्ति पत्र देकर सरकार ढिंढोरा पीट रही है जबकि पिछले 6 वर्षों में लगभग 30 हजार से ज्यादा कर्मचारी तो रिटायर हो चुके हैं। स्वीकृत पद से आधे कर्मचारी पदाधिकारी भी आज नियुक्त नहीं। उल्टे इस सरकार ने दो लाख से अधिक पद समाप्त कर दिए।

कहा कि 2019 की उत्पाद सिपाही की दौड़ जून की गर्मी में राज्य सरकार ने कराई,19 बच्चे दौड़ते हुए मर गए।लेकिन आज तक यह सरकार बेशर्म बनी हुई है।

कहा कि यह सरकार नौकरी दे नहीं रही उल्टे युवाओं को धमकी दे रही। जो भ्रष्टाचार ,के खिलाफ बोलेगा उसे जेल भेजा जाएगा, केस मुकदमा आखिर बेरोजगार कैसे लड़ेगा।

यह सरकार अगर बेदाग है तो फिर परीक्षाओं के भ्रष्टाचार की सीबीआई जांच कराने से क्यों भाग रही है।

कहा कि छठी गारंटी  शिक्षा की और जिलों में 500 एकड़ का औद्योगिक पार्क बनाने की थी।जिसपर क्या हुआ यह जग जाहिर है। सरकार बताए कितने प्रखंडों में डिग्री कॉलेज खोले गए। कितने जिलों में मेडिकल इंजीनियरिंग की यूनिवर्सिटी की स्थापना हुई। किस जिले में ,500 एकड़ का औद्योगिक पार्क स्थापित हुआ।

7वीं गारंटी जो किसानों को धान खरीद में 3200 रूपये एमएसपी देने की थी पूरी तरह झूठा साबित हुआ। केंद्र द्वार स्वीकृत 2300 रूपये में 100 रूपये का बोनस देकर हेमंत सरकार ने 2400 रूपये एमएसपी निर्धारित किए।इस दर में भी लक्ष्य से आधे धान की भी खरीद नहीं हुई। कई जिलों में  जो धान खरीद हुई उसके पैसे आज भी बकाए हैं।

कहा कि एक तरफ सरकार ने गारंटी में धोखा दिया दूसरी ओर घोटालों की श्रृंखला खड़ी कर दी।

राज्य में शराब, जीएसएससी सीजीएल परीक्षा ,डीएमएफटी फंड, मैन पावर सप्लाई गृह विभाग सामग्री खरीद,स्पोर्ट्स किट,भवन निर्माण, सरकारी टेंडर प्रक्रिया,डिग्री,जन्म प्रमाणपत्र, सरकारी रिक्त पद,आपदा मोचन निधि,स्वास्थ्य विभाग ने तुष्टीकरण घोटाला की चर्चा की।

उन्होंने कहा कि अबुआ सरकार में आदिवासी समाज सर्वाधिक बदहाल है।आज राज्य में सर्वाधिक दुष्कर्म की वारदातें आदिवासी युवतियों के साथ हुई है। दुमका से चाईबासा तक आदिवासी प्रताड़ित हो रहे हैं।

आज राज्य की डेमोग्राफी बांग्लादेशी रोहिंग्या घुसपैठियों से बदल रही और राज्य सरकार इनका संरक्षण कर रही।

विधान सभा में पहली बार सत्ता पक्ष के लोग एसआईआर का विरोध करते हुए बेल में घुस गए।

आज सरकार के मंत्री बीएलओ को पकड़कर बंधक बनाने की धमकी भरी भाषा बोल रहे।

कहा कि आखिर किस बात का डर राज्य सरकार को सता रही।उन्हें तो घुसपैठियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।अवैध मतदाताओं को चिन्हित करने में चुनाव आयोग की प्रक्रिया का सहयोग करना चाहिए़।

Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *