
रांची: झारखंड की राजनीति में गर्माहट उस समय बढ़ गई जब कांग्रेस पार्टी के मीडिया चेयरमैन सतीश पौल मुजनी ने पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता चंपाई सोरेन पर तीखा आरोप लगाया। मुजनी ने कहा कि चंपाई सोरेन की राजनीति अब पूरी तरह “झूठ, नफरत और अफवाहों” पर आधारित हो गई है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा नेता का हालिया प्रेस कॉन्फ्रेंस “हताशा में दिया गया घिसा-पिटा बयान” था, जिसमें न झारखंड के भविष्य की बात थी और न ही जनहित की कोई चिंता।


भाजपा नेताओं पर जनभावनाएं भड़काने का आरोप
सतीश मुजनी ने भाजपा पर आरोप लगाया कि सत्ता से बाहर होते ही पार्टी के नेता लोगों को गुमराह करने और जनभावनाओं को भड़काने में लगे हैं। उन्होंने कहा कि आदिवासी महिला से छेड़छाड़ जैसे गंभीर मामलों को राजनीतिक रंग देकर समाज में भ्रम फैलाया जा रहा है। साथ ही, तथाकथित बांग्लादेशी घुसपैठियों की मनगढ़ंत कहानियों को उछालना भाजपा की रणनीति का हिस्सा है ताकि लोगों का ध्यान असल मुद्दों से हटाया जा सके।
मणिपुर और दिल्ली की घटनाओं पर भाजपा की चुप्पी पर सवाल
कांग्रेस मीडिया प्रमुख ने सवाल उठाया कि जब मणिपुर और दिल्ली में आदिवासी महिलाओं के साथ अत्याचार हुए, तब भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी क्यों चुप रहे? उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा दोहरे मापदंड अपना रही है और झारखंड में आदिवासी हितों के नाम पर केवल राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास कर रही है।
एनसीएससी में दर्ज शिकायतों का हवाला
सतीश पौल मुजनी ने राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (NCSC) की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि वर्ष 2021 से 2024 के बीच अनुसूचित जातियों से जुड़ी 47,000 से अधिक शिकायतें दर्ज की गई हैं, जिनमें से अधिकांश भाजपा शासित राज्यों से हैं। उन्होंने पूछा कि यदि भाजपा वास्तव में सामाजिक न्याय के प्रति गंभीर होती, तो वह अपने शासित राज्यों में इन शिकायतों का समाधान पहले करती।
बांग्लादेशी घुसपैठ के मुद्दे पर भाजपा को घेरा
बांग्लादेशी घुसपैठियों के मुद्दे को लेकर भाजपा पर हमला बोलते हुए मुजनी ने कहा कि केंद्र में दस वर्षों तक सत्ता में रहने के बावजूद भाजपा ने इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। उन्होंने इसे चुनावी मौसम का एक स्थायी एजेंडा करार दिया, जिससे सांप्रदायिक ध्रुवीकरण किया जा सके।
चंपाई सोरेन की राजनीतिक शैली पर टिप्पणी
कांग्रेस प्रवक्ता ने चंपाई सोरेन की राजनीतिक शैली पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि जब वे मुख्यमंत्री थे, तब ऐसे मुद्दों पर कोई बयान नहीं देते थे, लेकिन अब भाजपा में शामिल होते ही वे पार्टी आलाकमान को खुश करने के लिए इस प्रकार की बयानबाजी कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि झारखंड की भूमि पर भाजपा की विभाजनकारी राजनीति सफल नहीं हो पाएगी।
झारखंड की अस्मिता और आदिवासी संस्कृति की रक्षा की बात
कांग्रेस मीडिया प्रमुख ने कहा कि पार्टी झारखंड की अस्मिता, आदिवासी संस्कृति और सामाजिक समरसता की सच्ची रक्षक है। उन्होंने दावा किया कि राज्य की जनता अब भाजपा की कथनी और करनी में अंतर समझ चुकी है और आने वाले समय में जवाब भी देगी।


