
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के मोहनलालगंज क्षेत्र के किसान पथ पर आज तड़के दिल्ली से बिहार जा रही एक प्राइवेट स्लीपर बस में भीषण आग लगने की घटना सामने आई। इस हादसे में पांच यात्रियों की जिंदा जलकर मौत हो गई, जबकि बस में लगभग 60 यात्री सवार थे। आग लगने के बाद बस ड्राइवर शीशा तोड़कर भाग गया है और उसकी तलाश जारी है।


लखनऊ बस हादसा: दिल्ली से बिहार जा रही बस में आग लगने का कारण
प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट को आग लगने का मुख्य कारण माना जा रहा है, हालांकि फॉरेंसिक टीम की रिपोर्ट के बाद ही इसकी पुष्टि हो सकेगी। आग लगने के तुरंत बाद बस में धुआं भर गया और 10 मिनट के अंदर पूरी बस जलकर राख हो गई।
किसान पथ पर लगी भीषण आग, यात्रियों की जान बचाने के प्रयास असफल
हादसे के वक्त बस में अधिकांश यात्री गहरी नींद में थे। अचानक धुएं और आग की लपटें फैलने से अफरा-तफरी मच गई। यात्रियों ने दरवाजे और खिड़कियों की ओर भागने की कोशिश की, लेकिन ड्राइवर की अतिरिक्त सीट ने निकासी के रास्ते को अवरुद्ध कर दिया। इससे कई यात्री बस के अंदर फंस गए और बाहर निकलने में असमर्थ रहे।
स्थानीय लोगों ने पुलिस और फायर ब्रिगेड को दी सूचना
स्थानीय लोगों ने आग की लपटें एक किलोमीटर दूर से देखीं और तुरंत पुलिस व फायर ब्रिगेड को सूचित किया। आग बुझाने के लिए पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम ने कड़ी मेहनत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक बस पूरी तरह जल चुकी थी।
ड्राइवर का फरार होना और पुलिस की कार्रवाई
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, ड्राइवर ने शीशा तोड़कर बस से कूदकर भागने का रास्ता चुना। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और ड्राइवर की तलाश में सभी संभव प्रयास कर रही है।
यात्री सुरक्षा मानकों की अनदेखी से बढ़ी हताहतों की संख्या
घटना में मारे गए यात्रियों की अभी तक पहचान नहीं हो पाई है। विशेषज्ञों और यात्रियों ने सुरक्षा नियमों की अनदेखी को इस हादसे की बड़ी वजह बताया है। इमरजेंसी एग्जिट अवरुद्ध होने और सुरक्षा उपायों की कमी से यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकलने का मौका नहीं मिल पाया।
लखनऊ पुलिस और प्रशासन की जांच जारी
लखनऊ पुलिस ने दुर्घटना को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। दुर्घटनाग्रस्त बस को सील कर दिया गया है और फॉरेंसिक टीम घटनास्थल पर पहुंच चुकी है। प्रशासन ने पीड़ित परिवारों को सहायता देने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है।


