Jharkhand Liquor Scam : झारखंड के चर्चित शराब घोटाला मामले में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने झारखंड हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने जनहित याचिका (PIL) दायर कर मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से कराने की मांग की है। याचिका में कहा गया है कि मामले की निष्पक्ष और व्यापक जांच के लिए सीबीआई जांच आवश्यक है।
फिलहाल ACB कर रही है जांच
वर्तमान में इस मामले की जांच भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) कर रहा है। जांच के दौरान झारखंड के पूर्व उत्पाद सचिव आईएएस विनय कुमार चौबे समेत कई लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इसके अलावा पूर्व आबकारी आयुक्त अमित प्रकाश भी इस मामले में गिरफ्तार किए गए हैं।
राजस्व नुकसान का लगाया गया था अनुमान
एसीबी ने शुरुआती जांच में अनुमान लगाया था कि कथित शराब घोटाले की वजह से सरकार को करीब 38 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ है। हालांकि, बाबूलाल मरांडी का दावा है कि इस घोटाले का दायरा इससे कहीं बड़ा है और इसकी राशि 1000 करोड़ रुपये से भी अधिक हो सकती है।
हाईकोर्ट से CBI जांच का अनुरोध
जनहित याचिका में बाबूलाल मरांडी ने हाईकोर्ट से अनुरोध किया है कि पूरे मामले की जांच सीबीआई को सौंपी जाए, ताकि सभी तथ्यों की निष्पक्ष तरीके से जांच हो सके और यदि किसी स्तर पर गड़बड़ी हुई है तो उसकी पूरी सच्चाई सामने आ सके।
